विधानसभा में रागिनी सोनकर का हमला, महिला आरक्षण पर BJP को घेरा

उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी की विधायक रागिनी सोनकर ने अपने तीखे और भावनात्मक भाषण से सबका ध्यान खींच लिया। उन्होंने इस विशेष सत्र के आयोजन पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि यह महिलाओं के अधिकारों के प्रति सच्ची चिंता नहीं बल्कि एक राजनीतिक रणनीति ज्यादा लगती है। उनका कहना था कि अगर वास्तव में महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीरता होती तो संसद में पारित बिल को इतनी देरी से लागू नहीं किया जाता।
महिला सुरक्षा और अधिकारों पर सरकार को घेरा
रागिनी सोनकर ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश की महिलाओं की स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की हर महिला खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है और सरकार के दावे जमीनी हकीकत से बिल्कुल अलग हैं। उन्होंने अपने शब्दों में महिलाओं की पीड़ा को व्यक्त करते हुए कहा कि यूपी की नारी हर दिन उत्पीड़न और अन्याय का सामना कर रही है। उनका यह बयान भावनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर काफी प्रभावी नजर आया, जिससे सदन का माहौल और भी गर्म हो गया।

आरक्षण और राजनीतिक आरोपों पर उठाए सवाल
सपा विधायक ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के नाम पर सिर्फ नारेबाजी की जा रही है, जबकि असल में उन्हें सशक्त करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होंने पंचायत स्तर पर पूर्व में दिए गए 33 प्रतिशत आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि उसी सोच ने महिलाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ाया था। लेकिन वर्तमान सरकार ने चुनाव टालकर महिलाओं के नेतृत्व को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं को सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा बनाकर इस्तेमाल कर रही है।
सदन में बढ़ा सियासी तापमान, स्वास्थ्य की कामना भी जताई
अपने भाषण के अंत में रागिनी सोनकर ने सदन में मौजूद सभी महिला विधायकों के प्रति समान दृष्टिकोण रखने की बात कही और सरकार की सोच पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार इन पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण नहीं कर पा रही है। हालांकि अपने आक्रामक तेवर के बीच उन्होंने भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की, जिससे उनके बयान में संवेदनशीलता का पहलू भी नजर आया। इस पूरे घटनाक्रम ने विधानसभा के विशेष सत्र को बेहद चर्चित बना दिया है।